सूरज कब दूर गगन से चंदा कब दूर किरन से

कु \:    सूरज कब दूर गगन से चंदा कब दूर किरन से
            ख़ुश्बू कब दूर पवन से कब दूर बहार चमन से
\:    ये बन्धन तो प्यार का बन्धन है जनमों का संगम है
\:     ये बन्धन तो ...
\:    सूरज कब दूर ...
\:     ख़ुश्बू कब दूर ...
\:    ये बन्धन तो ...

\:    तुम ही मेरे जीवन हो तुम्हें देख देख जी लूंगी \-
            मैं तो तुम्हारी खातिर दुनिया का ज़हर पी लूंगी
कु \:    तेरे पावन चरणों में आकाश झुका देंगे हम
            तेरी राहों में जो शोले हों तो खुद को बिछा देंगे हम
\:    ये बन्धन तो ...
\:     ये बन्धन तो ...

            ममता के मंदिर की है तू सबसे प्यारी मूरत \-
            भगवान नज़र आता है जब देखें तेरी सूरत
कु \:    जब जब दुनिया में आएं तेरा ही आँचल पाएं
            जन्मों की दीवारों पर हम प्यार अपना लिख जाएं
\:    ये बन्धन तो ...
\:     ये बन्धन तो ...
\:    सूरज कब दूर ...
तीनों \:           ये बन्धन तो ...


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