सूरज कब दूर गगन से चंदा कब दूर किरन से
कु \: सूरज कब दूर गगन से चंदा कब दूर किरन से
ख़ुश्बू
कब दूर पवन से कब दूर बहार चमन से
अ \: ये बन्धन तो प्यार का बन्धन है जनमों का
संगम है
उ \: ये बन्धन तो ...
अ \: सूरज कब दूर ...
उ \: ख़ुश्बू कब दूर ...
अ \: ये बन्धन तो ...
अ \: तुम ही मेरे जीवन हो तुम्हें देख देख जी
लूंगी \-२
मैं
तो तुम्हारी खातिर दुनिया का ज़हर पी लूंगी
कु \: तेरे पावन चरणों में आकाश झुका देंगे हम
तेरी
राहों में जो शोले हों तो खुद को बिछा देंगे हम
अ \: ये बन्धन तो ...
उ \: ये बन्धन तो ...
ममता
के मंदिर की है तू सबसे प्यारी मूरत \-२
भगवान
नज़र आता है जब देखें तेरी सूरत
कु \: जब जब दुनिया में आएं तेरा ही आँचल पाएं
जन्मों
की दीवारों पर हम प्यार अपना लिख जाएं
अ \: ये बन्धन तो ...
उ \: ये बन्धन तो ...
अ \: सूरज कब दूर ...
तीनों \: ये बन्धन तो ...
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