चेहरा क्या देखते हो दिल में उतर के देखो न
कु : चेहरा क्या देखते हो दिल
में उतर के देखो न -३
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है कितना
असर देखो न
आ : चेहरा क्या देखते हो ...
कु : थोड़े से करीब आओ ऐसे न इतराओ
मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या
-२
बेचैन कर दूँगा इतना
तुम्हें आके लिपट जाओगी दिलरुबा
ऐसे क्या सोचती हो आके इधर
देखो ना -३
आ : चेहरा क्या देखते हो ...
मैं तो तुम्हारी हूँ तुमपे दिल
हारी हूँ
फिर किसलिए हैं ये
बेताबियाँ -२
आके गले से लगा लो मुझे अब
दूरियाँ न रहें दर्मियाँ
किसने तुम्हें रोका है शाम-ओ-सहर देखो न
कु : चेहरा क्या देखते हो ...
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