चेहरा क्या देखते हो दिल में उतर के देखो न

कु :     चेहरा क्या देखते हो  दिल में उतर के देखो न  -
            मौसम पल में बदल जाएगा पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
            मेरी मोहब्बत में है कितना असर देखो न
:    चेहरा क्या देखते हो ...

कु :     थोड़े से करीब आओ ऐसे न इतराओ
            मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या -
            बेचैन कर दूँगा इतना तुम्हें आके लिपट जाओगी दिलरुबा
            ऐसे क्या सोचती हो आके इधर देखो ना -
:    चेहरा क्या देखते हो ...

            मैं तो तुम्हारी हूँ तुमपे दिल हारी हूँ
            फिर किसलिए हैं ये बेताबियाँ -
            आके गले से लगा लो मुझे अब दूरियाँ न रहें दर्मियाँ
            किसने तुम्हें रोका है शाम--सहर देखो न

कु :     चेहरा क्या देखते हो ...

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