सांसों की जरुरत है जैसे
सांसों की जरुरत है जैसे, जिन्दगी के लिए
बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए
वक्त के हाथों में सबकी तकदीरे हैं -2
आइना झूठा है, सची तस्वीरे हैं
जहाँ दर्द है वहीँ गीत है , जहाँ प्यास है वहीँ मिट है
कोई ना जाने मगर जीने की यही रित है
सज की जरुरत है जैसे-2 मौसिकी के लिए
बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए
मंजिले हासिल हैं फिर भी इक दूरी है
बिना हमराही के जिन्दगी अधूरी है
मिलेगी कही कोई रहगुजर, तनहा कटेगा कैसे यह सफ़र
मेरे सपने हो जहाँ, धुंधू मई ऐसी नजर
चाँद की जरुरत है जैसे-2 चांदनी के लिए
बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए
सांसों की जरुरत है जैसे, जिन्दगी के लिए
बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए
Comments
Post a Comment