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Showing posts from May, 2016

जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए

सानू : जब कोई बात बिगड़ जाए , जब कोई मुश्किल पड़ जाए तुम देना साथ मेरा , ओ , हमनवाज़ जब कोई बात बिगड़ जाए , जब कोई मुश्किल पड़ जाए ना कोई है , ना कोई था , ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा तुम देना साथ मेरा , ओ , हमनवाज़ सानू : (हो चाँदनी जब तक रात , देता है हर कोई साथ तुम मगर अन्धेरों में , ना छोड़ना मेरा हाथ ) \- २ जब कोई बात बिगड़ जाए ... ना कोई है , ना कोई था ... साधना : (वफ़ादारी की वो रस्में , निभाएँगे हम तो कसमें एक भी साँस ज़िन्दगी की , जब तक हो अपने बस में ) \- २ जब कोई बात बिगड़ जाए ... शानू : ना कोई है , ना कोई था ... सानू : दिल को मेरे हुआ यकीं , हम पहले भी मिले कहीं सिलसिला ये सदियों का , कोई आज की बात नहीं साधना: दिल को मेरे हुआ यकीं , हम पहले भी मिले कहीं , सिलसिला ये सदियों का , कोई आज की बात नहीं दोनो: जब कोई बात बिगड़ जाए , जब कोई मुश्किल पड़ जाए तुम देना साथ मेरा , ओ , हमनवाज़ , ना कोई है , ना कोई था , ज़िन्दगी में तुम्हारे सिवा तुम देना साथ मेरा , ओ , हमनवाज़ \- २

:छुड़ा के दामन तो जा रहे हो

Slow: छुड़ा के दामन तो जा रहे हो ठहरे क्यूँ दो कदम पे जा के दो कदम पे जा के खबर है मुझको है प्यार तुझको ठहरे क्यूं यूँ नज़र मिला के यूँ नज़र मिला के कोरस: तू रू Fast: छुड़ा के दामन तो जा रहे हो \- २ ठहरे क्यूँ दो कदम पे जा के दो कदम पे जा के खबर है मुझको है प्यार तुझको ठहरे क्यूँ यूँ नज़र मिला के यूँ नज़र मिला के को: ल ल चि ... नज़र मिलाना भी एक अदा है नज़र झुकाना भी इक अदा है ये बात सच है किसीसे पूछो नज़र चुराना भी इक अदा है है उधर नहीं कुछ उधर न देखो इधर है वो दिल जो तुझको चाहे बहुत हसीं है तुम्हारा गुस्सा हमे तो इसपे भी प्यार आये तुम्हारी आँखों ने क्या कहा है \- २ पूछो तुम ये करीब आके हाय ये करीब आके छुड़ा के दामन ... को: ल ल अजीब हालत है आज अपनी हर एक तमन्ना मचल रही है क्यूं आज मुझको ये लग रहा है कि दिल कि धड़कन बदल रही है है आशिकाना मिज़ाज़ अपना कहो तुम्हारा मिज़ाज़ क्या है अगर कहो तुम तो मैं बत दूं छुपा दिल में वो राज़ क्या है मैं चाहती हूँ कि तुमको रख लूँ \- २ अपनी हर साँस में छुपा के साँस में छुप...

घूँघट की आड़ से दिलबर का

अलका:            घूँघट की आड़ से दिलबर का                         दीदार अधूरा रहता है  - २                         जब तक ना पड़े आशिक़ की नज़र - २                         सिंगार अधूरा रहता है                         घूँघट की आड़ से दिलबर का शानू:                 घूँघट की आड़ से दिलबर का                         दीदार अधूरा रहता है  ...

तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये

तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये - २ ( ना हो तू उदास तेरे पास पास मैं रहूँगा ज़िन्दगी भर ) - २ सारे संसार का प्यार मैं ने तुझी में पाया तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये - २ चँदा तुझे देखने को निकला करता है आइना भी ओ ... दीदार को तरसा करता है इतनी हसीं कोई नहीं \- २ हुस्न दोनो जहाँ का एक तुझमे सिमट के आया तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये Darling, every breath you take, every move you make, I will be there. What will I do without you, I want to love you forever and ever and ever. प्यार कभी मरता नहीं हम तू मरते हैं होते हैं वो लोग अमर प्यार जो करते हैं जितनी अदा उतनी वफ़ा - २ इक नज़र प्यार से देख लो फिर से ज़िन्दा करदो तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये - २ ना हो तू उदास तेरे पास पास मैं रहूँगा ज़िन्दगी भर - २ सारे संसार का प्यार मैने तुझी में पाया तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये - २ This para is for the female version sung by Alka as first para ग़म है किसे हो सारा जहाँ चाहे दुश्मन हो क्या चाहिये...

तू मेरी ज़िन्दगी है, तू मेरी हर खुशी है

तू मेरी ज़िन्दगी है, तू मेरी हर खुशी है-2 तूही प्यार तूही चाहत, तूही आशिक़ी है तू मेरी ज़िन्दगी है, तू मेरी हर खुशी है पहली मुहब्बत का अहसास है तू-2 बुझ के भी बुझ न पाई , वो प्यास है तू तूही मेरी पहली ख्वाहिश, तूही आखिरी है तू मेरी ज़िन्दगी है, तू मेरी हर खुशी है हर ज़ख्म दिल का मेरे , दिल से दुआ दे-2 खुशियां तुझे ग़म सारे , मुझको खुदा दे तुझको भुला ना पाया, मेरी बेबसी है तू मेरी ज़िन्दगी है, तू मेरी हर खुशी है-2

धीरे धीरे से मेरी जिन्दगी में आना

धीरे धीरे से मेरी जिन्दगी में आना, धीरे धीरे से दिल को चुराना तुमसे प्यार हमे है कितना जाने जाना, तुमसे मिलकर तुमको है बताना जबसे तुझे देखा, दिल को कहीं आराम नहीं मेरे होंटो पे एक तेरे सिवा कोई नाम नहीं अपना भी हाल तुम्हारे जेसा है साजन बस याद तुझे करते है और कोई काम नहीं बन गया हूँ में तेरा दीवाना, धीरे धीरे से दिल को चुराना तूने भी अक्सर मुझको जगाया रातों में और नींद चुराई मीठी मीठी बातो में तूने भी बेशक मुझको कितना तडपाया फिर भी तेरी हर एक अदा पे प्यार आया आजा आजा अब केसा सरमाना, धीरे धीरे से दिल को चुराना धीरे धीरे से मेरी जिन्दगी में आना, धीरे धीरे से दिल को चुराना तुमसे प्यार हमे है कितना जाने जाना, तुमसे मिलकर तुमको है बताना
मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में   ओ दुश्मन ज़माना मुझे ना भुलाना   मैं ख़ुद को मिटा दूंगा तेरी चाहत में   मैं दुनिया भुला दूंगी तेरी चाहत में   तेरा साथ छुटा ये वादा जो टुटा   मैं खुद को मिटा दूंगी तेरी चाहत में   मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में.. मेरी साँसे तेरी खुशबु , मेरे दिल में तेरी धड़कन   मेरी महफ़िल तेरी बातें , मेरी आँखें तेरा दर्पण   बिन तेरे कुछ भी नहीं मैं -2 मैं हर गम उठा लुंगी तेरी चाहत में   मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में.. सीने से लगजा तू   , मैं हूँ तेरा दीवाना   मुझे तुझसे मिलने से , रोकेगा क्या ज़माना   छोडूंगा ना साथ तेरा -2 मैं सब कुछ लुटा दूंगा तेरी चाहत में   मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में.. मैं दुनिया भुला दूंगा तेरी चाहत में   ओ दुश्मन ज़माना मुझे ना भुलाना   मैं ख़ुद को मिटा दूंगा तेरी चाहत में..

सांसो की जरुरत है जेसे जिन्दगी के लिए

सांसो की जरुरत है जेसे जिन्दगी के लिए बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए जाम की जरुरत है जेसे बेखुदी के लिए हाँ एक सनम चाहिए आशिकी के लिए बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए वक्त के हाथों में सबकी तकधिरें है, आइना झूठा है सची तस्वीरे है जहाँ दरद है वही गीत है, जहाँ प्यास है वहीँ मीत है कोई ना जाने मगर, जीने की यही रीत है सज की जरुरत है जैसे मोसिकी के लिए बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए मंजिले हांसिल है, फिर भी एक दूरी है बिना हमराही के जिन्दगी अधूरी है मिलेगी कहीं कोई रह गुजर, तनहा कटेगा केसे ये सफ़र मेरे सपने हों जहाँ, ढूँढू में एसी नजर चाँद की जरुरत है जैसे-2 चांदनी के लिए बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए 

नजर के सामने जिगर के पास कोई रहता है वो हो तुम

नजर के सामने जिगर के पास कोई रहता है वो हो तुम बेताबी क्या होती है, पूछो मेरे दिल से तनहा तनहा लोटा हूँ, में तो भरी महफ़िल से मर ना जाऊ कहीं होक तुमसे जुदा नजर के सामने जिगर के पास कोई रहता है वो हो तुम तन्हाई जीने ना दे, बेचेनी तडपाये तुमको में ना देखूं तो दिल मेरा घबराये अब मुझे छोड़ के दूर जाना नहीं नजर के सामने जिगर के पास कोई रहता है वो हो तुम

जानेजिगर जानेमन, मुझको है तेरी क़सम

जानम जानेजाँ , जानम जानेजहाँ जानेजिगर जानेमन , मुझको है तेरी क़सम तू जो मुझे न मिला , मर जाऊंगी मैं सनम ओ रोकेगा हम को , अब क्या ज़माना मर के हमें है वादा निभाना जानेजिगर जानेमन ... मैं फूलों से कलिओं से तारों से तेरी माँग भर दूंगा मैं सांसो की महकी निगाहो को तेरे नाम कर दूंगा मैं प्यार तुझसे करती हूँ , दिन रात आँहे भरती हूँ आँहे भरती हूँ ,  आँहे भरती हूँ जानेजिगर जानेमन ... बिन तेरे गुज़रते हैं कैसे मेरे दिन रात न पुछो - 2 जो दिल में छुपे हैं मेरे हमनशीं वो बात न पूछो दो दिल जब धड़कते हैं , ऐसे ही तड़पते हैं तड़पते हैं , तड़पते हैं जानेजिगर जानेमन .. ओ रोकेगा हम को , अब क्या ज़माना मर के हमे है वादा निभाना जानेजिगर जानेमन ... जानम , जानेजां ,  जानम , जानेजहन

ये दुआ है मेरी रब से, मुझे ये

ये दुआ है मेरी रब से , मुझे ये आशिक़ी में सब से मेरी आशिक़ी पसन्द आए , मेरी आशिक़ी पसन्द आए ये दुआ है मेरी ... तू   हुस्न के रंगों में लिखी हुई गज़ल है तू प्यार के दरिया में खिलता हुआ कमल है ये दुआ है मेरी ... मेरे   दिल के आईने में तस्वीर है तुम्हारी अब तो तुम बन गए ज़िंगगी हमारी मुझे ये सादगी में सब से मेरी सादगी पसन्द आए ये दुआ है मेरी रब से , मुझे ये आशिक़ी में सब से मेरी आशिक़ी पसन्द आए , मेरी आशिक़ी पसन्द आए ये दुआ है मेरी ...

संभाला है मेने बहुत अपने दिल को

संभाला है मेने बहुत अपने दिल को जूबा पे तेरा फिर भी नाम आ रहा है जहाँ राज को छुपाया ना जाये मोहब्बत में एसा मकाम आ रहा है बनाया है मेने तुम्हे अपना साथी रहे किस तरह फिर मेरे होश बाकी नजर यूं बहकने लगी है की जैसे मेरे सामने कोई जाम आ रहा है ये जुल्फों के बदल घनेरे घनेरे मेरे बाजुओं पर जो तूने बिखेरे में समझा के जैसे मेरी धडकनों को तेरी धडकनों का पयाम आ रहा है संभाला है मेने बहुत अपने दिल को जूबा पे तेरा फिर भी नाम आ रहा है जहाँ राज को छुपाया ना जाये मोहब्बत में एसा मकाम आ रहा है 

सांसों की जरुरत है जैसे

सांसों की जरुरत है जैसे , जिन्दगी के लिए बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए वक्त के हाथों में सबकी तकदीरे हैं -2 आइना झूठा है , सची तस्वीरे हैं जहाँ दर्द है वहीँ गीत है , जहाँ प्यास है वहीँ मिट है कोई ना जाने मगर जीने की यही रित है सज की जरुरत है जैसे-2 मौसिकी के लिए बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए मंजिले हासिल हैं फिर भी इक दूरी है बिना हमराही के जिन्दगी अधूरी है मिलेगी कही कोई रहगुजर , तनहा कटेगा कैसे यह सफ़र मेरे सपने हो जहाँ , धुंधू मई ऐसी नजर चाँद की जरुरत है जैसे-2 चांदनी के लिए बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए सांसों की जरुरत है जैसे , जिन्दगी के लिए बस इक सनम चाहिए आशिकी के लिए