ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार सांवरी, मन मे हलचल सी मच जायेगी बांवरी

ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार सांवरी, 

मन मे हलचल सी मच जायेगी बांवरी..
ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार 

तेरे लिए हु मै अनजानी, मेरे लिए है तू बेगाना
बेगाने ने अनजाने का, दर्द भला कैसा पहचाना
जो इस दुनिया ने न जाना 
ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार सांवरे 
मनन मे हलचल सी मच जायेगी बांवरे
ठहरे हुए पानी में

सब फूलो के है दीवाने, काटों से दिल कौन लगाये
भोले राही मै हु काटा, क्यो अपना दामन उलझाए
रब तुझको काटो से बचाए
ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार सांवरे 
मनन मे हलचल सी मच जायेगी बांवरे
ठहरे हुए पानी में

तुम्ही बताओ कैसे बसेगी, दिल के अरमानो की बस्ती
ख्वाब अधूरे रह जायेंगे, मिट जायेगी इनकी हस्ती
चलती है क्या रेत पे कश्ती
ठहरे हुए पानी मे कंकर न मार सांवरे मनन मे हलचल सी मच जायेगी बांवरे..
ठहरे हुए पानी में

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