आशिकी में हर आशिक हो जता है मजबूर

आशिकी में हर आशिक हो जता है मजबूर-2
इसमें दिल का, मेरे दिल का, इस में दिल का क्या कसूर
आशिकी में हर आशिक हो जता है मजबूर
इसमें दिल का, मेरे दिल का, इस में दिल का क्या कसूर


निगाहें ना मिलती ना ये प्यार होता, ना में तुझसे मिलता ना इजहार होता-2
मेरे आशिक, मेरे दिलबर, मेरी जाने जाँ, अब तेरे बिन, इक पल ना जीना यहाँ
तुझसे मिलके जाने कैसा, छाया है सरूर-2
इसमें दिल का, मेरे दिल का, इस में दिल का क्या कसूर

ना पूछो की कैसी है ये बेकरारी, मुहब्बत की प्यासी है ये दुनिया सारी-2
ना जाने दिल किसका, कब खो जाये, बिन सोचे बिन समझे प्यार हो जाये
हाँ यही चाहत का अक्सर, होता है दस्तूर-2
इसमें दिल का, मेरे दिल का, इस में दिल का क्या कसूर
आशिकी में हर आशिक हो जता है मजबूर-2
इसमें दिल का, मेरे दिल का, इस में दिल का क्या कसूर



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