तुम्हे अपना बनाने की कसम खायी है
तुम्हे अपना बनाने की कसम , खायी है , खायी है.. तेरी आंखो मे चाहत ही नज़र, आई है , आई है तुम्हे अपना बनाने की कसम, खायी है , खायी है मोहब्बत क्या है मै सब को बता दूगी.. ज़माने को तेरे आगे झुका दूगी तेरी उल्फत मेरी जाना वोह रंग , लायी है , लायी है.. तेरे होटो से मै शबनम चुराऊगा.. तेरे आंचल टेल जीवन बिताऊगा मेरी नस नस मे तू बनके लहू , समाई है , समाई है.. तेरी बाहो मे है दोनो जहा मेरे.. मै कुछ भी तो नही दिलबर सिवा तेरे तुझे पाके ज़माने की ख़ुशी , पायी है , पायी है.. तुम्हे अपना बनाने की कसम खायी है , खायी है तेरी आंखो मे चाहत ही नज़र आई है , आई है